फ्रीसाइन-अप की जरूरत नहीं · ब्राउजर में चलता है
ग्रेच्युटी कैलकुलेटर: 15/26 फॉर्मूला और नए लेबर कोड के साथ
ग्रेच्युटी (Gratuity) वह रकम है जो नियोक्ता कम से कम 5 साल की लगातार सर्विस के बाद नौकरी खत्म होने पर देता है: (आखिरी मंथली बेसिक + DA) ÷ 26 × 15 × सर्विस के साल, ज्यादा से ज्यादा ₹20,00,000। यानी ₹50,000 पर 10 साल की ग्रेच्युटी ₹2,88,462 बनती है।
- 100% फ्री
- Code on Social Security, 2020
- कुछ भी अपलोड नहीं होता
अपनी ग्रेच्युटी का हिसाब लगाएं
तारीखें और आखिरी बेसिक + DA डालें। लिखते ही रकम, पात्रता और टैक्स की जानकारी बदल जाती है।
प्राइवेट: कुछ भी आपके ब्राउजर से बाहर नहीं जाता
आपकी अनुमानित ग्रेच्युटी
—
हिसाब कैसे बना
इनकम टैक्स
यह एक अनुमान है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। आपकी कंपनी की ग्रेच्युटी पॉलिसी, कॉन्ट्रैक्ट या राज्य के नियम ज्यादा रकम दे सकते हैं। विवाद होने पर कंट्रोलिंग अथॉरिटी, लेबर वकील या CA से सलाह लें।
हिसाब आपके डिवाइस पर ही होता है: कुछ भी भेजा या सेव नहीं होता।
तीन स्टेप
यह कैसे काम करता है
-
नौकरी का प्रकार और वजह चुनें
स्थायी या फिक्स्ड-टर्म, और इस्तीफा, रिटायरमेंट, छंटनी या मृत्यु/विकलांगता। कैलकुलेटर हर स्थिति की पात्रता की शर्त लगाता है।
-
तारीखें और आखिरी वेतन डालें
जॉइनिंग की तारीख, आखिरी कार्य दिवस और आखिरी मंथली बेसिक + DA। चाहें तो कुल सैलरी डालकर नए लेबर कोड का 50% नियम भी जांचें।
-
हिसाब देखें और कॉपी करें
गिने गए साल, 15 दिन का वेतन, ₹20 लाख की सीमा और टैक्स-फ्री हिस्सा एक जगह। हिसाब कॉपी या डाउनलोड करके HR के आंकड़ों से मिलाएं।
ग्रेच्युटी का फॉर्मूला: 15/26 का हिसाब कैसे होता है
कानून कहता है कि हर पूरे साल की सर्विस के लिए 15 दिन का वेतन मिलेगा, और मंथली वेतन वालों के लिए 15 दिन का वेतन = आखिरी मंथली वेतन ÷ 26 × 15। महीने में 26 कामकाजी दिन माने जाते हैं, इसलिए फॉर्मूला है: ग्रेच्युटी = (आखिरी मंथली बेसिक + DA) × 15/26 × सर्विस के साल।
आखिरी साल में 6 महीने से ज्यादा की सर्विस पूरा साल गिनी जाती है; ठीक 6 महीने या कम का हिस्सा नहीं गिना जाता। उदाहरण: आपकी आखिरी बेसिक + DA ₹50,000 है और सर्विस 10 साल 7 महीने की है। 7 महीने 6 से ज्यादा हैं, इसलिए 11 साल गिने जाएंगे: ₹50,000 ÷ 26 × 15 × 11 = ₹3,17,308। अगर सर्विस 10 साल 6 महीने होती, तो 10 साल गिने जाते और रकम ₹2,88,462 होती।
ग्रेच्युटी किसे मिलती है: पात्रता की शर्तें
- 5 साल की लगातार सर्विस: इस्तीफा, रिटायरमेंट या कंपनी की ओर से नौकरी खत्म करने (छंटनी, टर्मिनेशन) पर ग्रेच्युटी तभी बनती है जब सर्विस कम से कम 5 साल की हो।
- मृत्यु या विकलांगता: 5 साल की शर्त नहीं लगती। मृत्यु पर रकम नॉमिनी को, और नॉमिनी न हो तो वारिसों को मिलती है।
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी: 21 नवंबर 2025 से 1 साल की सर्विस के बाद अनुपात में ग्रेच्युटी मिलती है।
- वर्किंग जर्नलिस्ट: 3 साल की सर्विस काफी है।
कानून हर फैक्ट्री, खदान, बागान, बंदरगाह और रेलवे कंपनी पर, और ऐसी हर दुकान या संस्थान पर लागू होता है जहां पिछले 12 महीनों में किसी भी दिन 10 या ज्यादा कर्मचारी रहे हों। छोटे संस्थान में कानूनी ग्रेच्युटी नहीं बनती, पर नियोक्ता अपनी पॉलिसी से दे सकता है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के अपने पेंशन नियम हैं: यह कैलकुलेटर उनके लिए नहीं है।
4 साल और कुछ महीनों पर अटके हैं? पांचवें साल में 240 दिन काम को 5 साल मानने पर अदालतों के फैसले अलग-अलग रहे हैं, इसलिए ऐसे मामले में HR या लेबर वकील से लिखित राय लें।
नए लेबर कोड (21 नवंबर 2025) से ग्रेच्युटी में क्या बदला
भारत सरकार ने चारों लेबर कोड 21 नवंबर 2025 से लागू किए। Payment of Gratuity Act, 1972 अब Code on Social Security, 2020 के अध्याय V में है। फॉर्मूला, 5 साल की शर्त और सीमा वही हैं, पर दो बड़े बदलाव हुए:
- वेतन की नई परिभाषा (50% नियम): ग्रेच्युटी के लिए “वेतन” = बेसिक + DA + रिटेनिंग अलाउंस। HRA, कन्वेयंस, बोनस, ओवरटाइम, कमीशन और नियोक्ता का PF योगदान जैसे भुगतान कुल पारिश्रमिक के 50% से ज्यादा हों, तो ज्यादा हिस्सा वेतन में जुड़ जाता है (PIB बैकग्राउंडर, 22 नवंबर 2025)।
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी: 5 की जगह 1 साल की सर्विस के बाद ग्रेच्युटी (श्रम मंत्रालय की कंप्लायंस हैंडबुक, फरवरी 2026)।
उदाहरण: CTC ₹1,00,000 महीना (12 LPA), बेसिक ₹30,000, 10 साल। पुराने तरीके से ग्रेच्युटी ₹1,73,077 बनती। नए नियम में बेसिक CTC के आधे से कम है, इसलिए वेतन ₹50,000 माना जाएगा और ग्रेच्युटी ₹2,88,462 होगी। श्रम मंत्रालय के FAQ के मुताबिक नई परिभाषा 21 नवंबर 2025 से लागू है और रकम नौकरी छोड़ते समय के आखिरी वेतन पर बनती है। कैलकुलेटर में “नया वेज नियम भी जांचें” चुनें और अपनी कुल मंथली सैलरी डालें। जिनकी नौकरी 21 नवंबर 2025 से पहले खत्म हुई, उनके लिए कैलकुलेटर पुराने Act के नियम लगाता है।
टेबल: 5, 10, 20 साल की सर्विस पर कितनी ग्रेच्युटी
आखिरी मंथली बेसिक + DA और सर्विस के पूरे साल के हिसाब से कानूनी ग्रेच्युटी (₹20 लाख की सीमा के साथ):
| सर्विस | ₹25,000 मंथली | ₹50,000 मंथली | ₹1,00,000 मंथली |
|---|---|---|---|
| 5 साल | ₹72,115 | ₹1,44,231 | ₹2,88,462 |
| 7 साल | ₹1,00,962 | ₹2,01,923 | ₹4,03,846 |
| 10 साल | ₹1,44,231 | ₹2,88,462 | ₹5,76,923 |
| 15 साल | ₹2,16,346 | ₹4,32,692 | ₹8,65,385 |
| 20 साल | ₹2,88,462 | ₹5,76,923 | ₹11,53,846 |
| 25 साल | ₹3,60,577 | ₹7,21,154 | ₹14,42,308 |
| 30 साल | ₹4,32,692 | ₹8,65,385 | ₹17,30,769 |
₹20 लाख की सीमा और ग्रेच्युटी पर इनकम टैक्स
कानूनी ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा केंद्र सरकार तय करती है; श्रम मंत्रालय के अनुसार यह फिलहाल ₹20,00,000 है। कंपनी अवॉर्ड, समझौते या कॉन्ट्रैक्ट से इससे ज्यादा दे सकती है।
- कानून के दायरे वाले कर्मचारी: कानूनी फॉर्मूला से बनी ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री है (Income-tax Act, 2025 की धारा 19, 1 अप्रैल 2026 से; पहले 1961 के Act की धारा 10(10))। इससे ज्यादा मिली रकम सैलरी की तरह टैक्सेबल है।
- बाकी कर्मचारी: नियोक्ता की दी गई ग्रेच्युटी में से सबसे कम रकम टैक्स-फ्री है: मिली रकम, ₹20,00,000, या पिछले 10 महीने के औसत वेतन का आधा × सर्विस के पूरे साल।
- पूरे करियर की सीमा: पहले मिली टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी ₹20 लाख की सीमा में से घटती है। अपने मामले के लिए CA से पुष्टि करें।
ग्रेच्युटी कितने दिन में मिलती है
नियोक्ता को ग्रेच्युटी देय होने के 30 दिन के अंदर देनी होती है; देर होने पर साधारण ब्याज भी देना पड़ता है (धारा 56)। नौकरी छोड़ते समय HR के ग्रेच्युटी फॉर्म या पोर्टल पर आवेदन करें और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में रकम जांचें। 1 साल की सर्विस के बाद नॉमिनेशन फॉर्म भरना जरूरी है, ताकि मृत्यु होने पर परिवार को रकम आसानी से मिले। रकम न मिले या कम मिले, तो अपने क्षेत्र की कंट्रोलिंग अथॉरिटी के पास दावा किया जा सकता है।
ध्यान रखें: अगर नौकरी किसी गंभीर दुर्व्यवहार, हिंसा या नैतिक अपराध की वजह से खत्म हुई, या आपने कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, तो ग्रेच्युटी पूरी या आंशिक रूप से जब्त हो सकती है।
खास स्थितियां
- मौसमी काम: मौसमी संस्थान में हर सीजन के लिए 7 दिन का वेतन मिलता है।
- पीस-रेट वेतन: नौकरी खत्म होने से पहले के 3 महीनों की औसत कमाई (ओवरटाइम छोड़कर) से रोज का वेतन निकलता है।
- विकलांगता के बाद कम वेतन: विकलांगता से पहले की सर्विस पर पहले वाला वेतन और बाद की सर्विस पर घटा हुआ वेतन लिया जाता है।
- बेहतर शर्तें: आपकी कंपनी की पॉलिसी या कॉन्ट्रैक्ट में ज्यादा ग्रेच्युटी हो, तो वही मिलेगी।
नौकरी छोड़ने के बाद: अगला कदम
इस्तीफा देने वाले हैं? इस्तीफा पत्र जनरेटर से नोटिस पीरियड और आखिरी कार्य दिवस के साथ पत्र तैयार करें। नए ऑफर की तुलना सैलरी कैलकुलेटर और सैलरी हाइक कैलकुलेटर से करें, और हर आवेदन जॉब एप्लीकेशन ट्रैकर में दर्ज करें। अगर आप इंटरव्यू पर ध्यान देना चाहते हैं, तो AI जॉब सर्च कंपनियों के करियर पेज पर मैच होने वाली नौकरियां ढूंढकर आपकी जगह आवेदन करता है।
यह कैलकुलेटर अनुमान देता है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। आपकी कंपनी की पॉलिसी, कॉन्ट्रैक्ट, राज्य के नियम और आखिर में कंट्रोलिंग अथॉरिटी असली रकम तय करते हैं। नियम 12 अक्टूबर 2026 को जांचे गए; विवाद होने पर लेबर वकील या CA से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ग्रेच्युटी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फॉर्मूला, पात्रता, नया लेबर कोड, सीमा, टैक्स और भुगतान का समय।
अभी भी कोई सवाल है?
हमारे संपर्क पेज से हमें मैसेज भेजें।
ग्रेच्युटी कैलकुलेशन कैसे करें?
आखिरी मंथली बेसिक + DA को 26 से भाग दें, 15 से गुणा करें और फिर सर्विस के साल से गुणा करें। आखिरी साल में 6 महीने से ज्यादा की सर्विस पूरा साल गिनी जाती है। जैसे ₹50,000 और 10 साल 7 महीने: ₹50,000 ÷ 26 × 15 × 11 = ₹3,17,308। रकम ₹20,00,000 से ज्यादा नहीं हो सकती।
5 साल की ग्रेच्युटी कितनी बनती है?
5 साल पर आखिरी मंथली बेसिक + DA का लगभग 2.88 गुना: ₹30,000 पर ₹86,538 और ₹50,000 पर ₹1,44,231। ध्यान रखें कि सर्विस पूरे 5 साल की होनी चाहिए; 4 साल 11 महीने पर इस्तीफा देने से कानूनी ग्रेच्युटी नहीं बनती।
20 साल की सर्विस पर कितनी ग्रेच्युटी मिलती है?
20 साल पर आखिरी मंथली बेसिक + DA का लगभग 11.5 गुना: ₹60,000 पर ₹6,92,308। अगर आखिरी साल में 6 महीने से ज्यादा हैं, तो 21 साल गिने जाएंगे और रकम ₹7,26,923 होगी। ऊंची सैलरी पर रकम ₹20,00,000 की सीमा पर रुक जाती है।
क्या 5 साल से पहले ग्रेच्युटी मिल सकती है?
हां, तीन हालात में: मृत्यु या दुर्घटना/बीमारी से विकलांगता पर (कोई न्यूनतम सर्विस नहीं), फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर 21 नवंबर 2025 से 1 साल की सर्विस के बाद, और वर्किंग जर्नलिस्ट को 3 साल बाद। स्थायी कर्मचारी के इस्तीफे या छंटनी पर 5 साल की शर्त बनी हुई है।
नए लेबर कोड में ग्रेच्युटी का नया नियम क्या है?
21 नवंबर 2025 से ग्रेच्युटी Code on Social Security, 2020 के तहत बनती है। फॉर्मूला 15/26 ही है, पर अब बेसिक + DA कुल पारिश्रमिक के आधे से कम हो, तो वेतन आधे हिस्से के बराबर माना जाता है, जिससे कई लोगों की ग्रेच्युटी बढ़ती है। फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को 1 साल बाद ग्रेच्युटी मिलती है।
ग्रेच्युटी कितने दिन में मिलती है?
नियोक्ता को ग्रेच्युटी देय होने के 30 दिन के अंदर देनी होती है। देर होने पर उसे साधारण ब्याज भी देना पड़ता है। नौकरी छोड़ते समय HR को ग्रेच्युटी का आवेदन दें, और भुगतान न हो तो अपने क्षेत्र की कंट्रोलिंग अथॉरिटी के पास दावा करें।
क्या ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है?
कानूनी फॉर्मूला से बनी ग्रेच्युटी ₹20,00,000 तक टैक्स-फ्री है (Income-tax Act, 2025 की धारा 19; पहले धारा 10(10))। इससे ज्यादा जो रकम मिले, वह सैलरी की तरह टैक्सेबल है। यह सीमा पूरे करियर पर लागू मानी जाती है, इसलिए पहले मिली टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी इसमें से घटती है।
ग्रेच्युटी में 26 से भाग क्यों देते हैं, 30 से क्यों नहीं?
कानून मंथली वेतन वालों के लिए 15 दिन का वेतन = मंथली वेतन ÷ 26 × 15 तय करता है, क्योंकि महीने में 26 कामकाजी दिन माने जाते हैं। ÷ 30 वाला फॉर्मूला सिर्फ उन कर्मचारियों की टैक्स-फ्री सीमा के लिए है जिनका संस्थान ग्रेच्युटी कानून के दायरे में नहीं आता।
शेयर करें
क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसके यह काम आ सके?
उन्हें यह मुफ़्त टूल भेजें। बस दो सेकंड लगते हैं।
पोस्ट करें
नौकरी की तलाश के और फ्री टूल्स
सभी फ्री टूल्स- सैलरी कैलकुलेटरमंथली या सालाना सैलरी को प्रति दिन और प्रति घंटा कमाई में बदलें, या उल्टा, पूरे हिसाब के साथ।
- सैलरी हाइक कैलकुलेटरहाइक के बाद नई सैलरी, पुरानी और नई सैलरी से इंक्रीमेंट का प्रतिशत और महंगाई के बाद असली बढ़त निकालें।
- ATS रिज्यूम चेकरअपने अंग्रेजी रिज्यूम को जॉब डिस्क्रिप्शन से मिलाएं: मैच स्कोर, छूटे हुए कीवर्ड और सुधार।
- फ्री कवर लेटर जनरेटरअपनी सबसे अच्छी उपलब्धियों से एक मिनट में तीन पैराग्राफ का कवर लेटर बनाएं।
- इस्तीफा पत्र जनरेटरहिन्दी या अंग्रेजी में इस्तीफा पत्र बनाएं, नोटिस पीरियड और आखिरी कार्य दिवस के साथ, प्रिंट या ईमेल के लिए तैयार।
- Resume Format डाउनलोड (Word)Fresher, अनुभवी, IT, 12th पास/ITI, करियर चेंज और सीनियर के लिए 6 फ्री Resume Format: भारतीय ढांचे में, Word (.docx) और .txt फाइलों के रूप में।
- इंटरव्यू थैंक यू ईमेल जनरेटरइंटरव्यू के बाद का थैंक यू ईमेल या फॉलो-अप एक मिनट में तैयार करें: 7 स्थितियां, 2 लहजे, सब्जेक्ट लाइन के साथ।
- फ्री करियर टेस्ट20 आसान सवालों से अपना वर्क स्टाइल और मेल खाती जॉब्स जानें, अमेरिका की सैलरी रेंज के साथ।
WeChat पर शेयर करें
WeChat खोलें, स्कैन पर टैप करें और कैमरा इस कोड की ओर रखें। फिर पेज को किसी दोस्त के साथ या मोमेंट्स में शेयर करें।
अगली नौकरी, बिना घंटों की खोज के
JobsAICopilot हर दिन कंपनियों के करियर पेज पर आपसे मेल खाती नौकरियां खोजता है, हर जॉब के हिसाब से आवेदन तैयार करता है और आपकी जगह अप्लाई करता है, ताकि आपका समय इंटरव्यू की तैयारी में लगे।
- 1 लाख+ नौकरी तलाशने वाले
- रोज 600,000+ करियर पेज स्कैन
- कभी भी कैंसिल करें