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इस्तीफा पत्र जनरेटर: हिन्दी और अंग्रेजी में तैयार फॉर्मेट

इस्तीफा पत्र (Resignation Letter) वह औपचारिक पत्र है जिससे आप कंपनी को लिखित में बताते हैं कि आप नौकरी छोड़ रहे हैं, आपका नोटिस पीरियड कितना है और आखिरी कार्य दिवस कौन-सा होगा। यहां एक मिनट में हिन्दी या अंग्रेजी में बनाएं।

  • 100% फ्री
  • हिन्दी या English
  • कुछ भी अपलोड नहीं होता
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अपना इस्तीफा पत्र लिखें

नोटिस पीरियड चुनें, आखिरी कार्य दिवस अपने-आप निकलेगा। ब्रैकेट वाली जानकारी अभी बाकी है।

प्राइवेट: कुछ भी आपके ब्राउजर से बाहर नहीं जाता

पत्र की भाषा
फॉर्मेट

कई कंपनियों में HR को अंग्रेजी पत्र चाहिए: शक हो तो English चुनें। फॉर्म हिन्दी में ही रहेगा।

खाली छोड़ें तो पत्र “HR विभाग” के नाम जाएगा।

नोटिस पीरियड

नोटिस के दिन जमा करने के अगले दिन से गिने गए हैं। कई कंपनियां जमा करने वाले दिन को ही पहला दिन मानती हैं: HR से पूछकर तारीख बदल सकते हैं।

वैकल्पिक: वजह बताना जरूरी नहीं है।

पत्र में जोड़ें
आखिरी कार्य दिवस—
नोटिस—

पत्र आपके डिवाइस पर ही बनता है: कुछ भी भेजा या सेव नहीं होता।

जमा करने से पहले

    तीन स्टेप

    यह कैसे काम करता है

    1. अपनी जानकारी भरें

      नाम, पद, कंपनी, शहर और पत्र किसे जाना है: HR विभाग या आपके मैनेजर। चाहें तो कर्मचारी ID भी।

    2. नोटिस पीरियड चुनें

      15, 30, 60 या 90 दिन, तुरंत प्रभाव से या कोई दूसरी तारीख: टूल जमा करने की तारीख से आपका आखिरी कार्य दिवस निकालता है।

    3. भाषा चुनें, कॉपी करें और जमा करें

      पत्र हिन्दी या English में, प्रिंट के लिए या ईमेल के रूप में। साइन करें, HR को दें और एक कॉपी पर रिसीविंग लें।

    इस्तीफा पत्र में क्या लिखें

    अच्छा इस्तीफा पत्र छोटा और साफ होता है। उसमें ये बातें होनी चाहिए: दिनांक और स्थान, “सेवा में” के बाद HR विभाग या मैनेजर और कंपनी का नाम, विषय (जैसे “सीनियर अकाउंटेंट के पद से इस्तीफा”), संबोधन, आपका इस्तीफा, नोटिस पीरियड और आखिरी कार्य दिवस, काम सौंपने (हैंडओवर) का भरोसा, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट और रिलीविंग लेटर का अनुरोध, धन्यवाद, और आखिर में आपका नाम, पद और हस्ताक्षर।

    इस्तीफे की वजह लिखना जरूरी नहीं है। लिखें तो एक वाक्य काफी है, और शिकायतें पत्र में न डालें: यह आपकी फाइल में रहता है और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में भी देखा जा सकता है। पत्र को लिंग-तटस्थ रखने के लिए यह टूल “मेरा इस्तीफा स्वीकार करें”, “मैं आभारी हूं” और “सादर” जैसे शब्द इस्तेमाल करता है, ताकि “भवदीय/भवदीया” या “चाहता/चाहती” में से चुनना न पड़े।

    इस्तीफा पत्र का नमूना (हिन्दी में)

    30 दिन के नोटिस वाला सीधा-सादा फॉर्मेट। कॉपी करें और ब्रैकेट वाली जानकारी बदलें:

    दिनांक: [जमा करने की तारीख]
    स्थान: [शहर]

    सेवा में,
    HR विभाग
    [कंपनी का नाम]

    विषय: [पद] के पद से इस्तीफा

    महोदय/महोदया,

    सविनय निवेदन है कि [कंपनी का नाम] में [पद] के पद से मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। मेरे अपॉइंटमेंट लेटर में तय 30 दिन के नोटिस पीरियड के अनुसार मेरा आखिरी कार्य दिवस [तारीख] होगा।

    नोटिस पीरियड के दौरान मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मेरी सभी जिम्मेदारियां व्यवस्थित ढंग से सौंपी जाएं। कृपया मेरा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट, रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस लेटर समय पर जारी करें।

    [कंपनी का नाम] में मिले अवसरों, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए मैं आपका और पूरी टीम का हृदय से आभारी हूं।

    धन्यवाद।

    सादर,
    (हस्ताक्षर)
    [आपका नाम]
    [पद]

    Resignation letter का अंग्रेजी फॉर्मेट

    भारत में बहुत-सी कंपनियों का HR और दफ्तरी काम अंग्रेजी में होता है, इसलिए कई जगह अंग्रेजी पत्र ही मांगा जाता है। हिन्दी पत्र भी उतना ही मान्य है, पर शक हो तो HR से पूछ लें या टूल में “English” चुनें: फॉर्म हिन्दी में रहता है, पत्र अंग्रेजी में बनता है।

    Subject: Resignation from the position of [Designation]

    Dear Sir/Madam,

    Please accept this letter as formal notice of my resignation from the position of [Designation] at [Company name]. In line with the notice period of 30 days in my appointment letter, my last working day will be [date].

    During my notice period, I will do my best to ensure a smooth handover of my responsibilities. I request you to process my full and final settlement and to issue my relieving letter and experience letter in due course.

    Thank you.
    Yours faithfully,
    [Your name]

    नोटिस पीरियड कितना होता है, और बायआउट क्या है

    इस्तीफे का नोटिस पीरियड भारत में कोई एक कानून तय नहीं करता। यह आपके अपॉइंटमेंट लेटर, कंपनी की पॉलिसी या लागू स्टैंडिंग ऑर्डर में लिखा होता है (स्टैंडिंग ऑर्डर 300 या ज्यादा कामगारों वाले औद्योगिक संस्थानों पर लागू होते हैं)। आम चलन 30 दिन का है; IT और सीनियर पदों पर 60–90 दिन भी आम हैं, और प्रोबेशन में अक्सर कम।

    • आखिरी कार्य दिवस: टूल नोटिस के दिन जमा करने के अगले दिन से गिनता है: 12 अक्टूबर को 30 दिन का नोटिस देने पर आखिरी दिन 11 नवंबर। कुछ कंपनियां जमा करने वाले दिन को पहला दिन मानती हैं; HR से पूछकर तारीख बदल लें।
    • बायआउट: पूरा नोटिस न दे पाएं, तो ज्यादातर कंपनियां बचे दिनों की सैलरी (नोटिस पे) फुल एंड फाइनल से काट लेती हैं, या नई कंपनी यह रकम चुका देती है। टूल में “तुरंत प्रभाव से” या “जल्दी रिलीव करने का अनुरोध” चुनें।
    • छूट: मैनेजर नोटिस कम कर दे, तो वह बात ईमेल पर लिखित में ले लें।
    • छुट्टियां: बची छुट्टियां नोटिस में एडजस्ट होंगी या पैसा (लीव एनकैशमेंट) मिलेगा, यह पॉलिसी पर निर्भर है।

    इस्तीफा कैसे जमा करें: प्रिंट, ईमेल या HR पोर्टल

    1. पहले मैनेजर से बात करें, फिर उसी दिन पत्र दें, ताकि उन्हें खबर किसी और से न मिले।
    2. प्रिंट किया पत्र: दो कॉपी पर साइन करें, एक HR को दें और दूसरी पर “प्राप्त” लिखवाकर तारीख और हस्ताक्षर ले लें।
    3. ईमेल: HR और मैनेजर दोनों को भेजें, विषय में “इस्तीफा” या “Resignation” और अपना नाम लिखें, और जवाब संभालकर रखें।
    4. HRMS पोर्टल: कई कंपनियों में इस्तीफा पोर्टल पर भी दर्ज करना होता है; वहीं से आपका आखिरी कार्य दिवस पक्का होता है।

    फुल एंड फाइनल सेटलमेंट, रिलीविंग लेटर और ग्रेच्युटी

    • बकाया वेतन: Code on Wages, 2019 (धारा 17) के तहत नौकरी छोड़ने पर बकाया वेतन दो कामकाजी दिनों में देना होता है (श्रम मंत्रालय की कंप्लायंस हैंडबुक)। लीव एनकैशमेंट, बोनस और रीइंबर्समेंट कंपनी की F&F प्रक्रिया से आते हैं।
    • ग्रेच्युटी: 5 साल की सर्विस (फिक्स्ड-टर्म पर 1 साल) के बाद ग्रेच्युटी बनती है और 30 दिन में मिलनी चाहिए। अपनी रकम ग्रेच्युटी कैलकुलेटर से निकालें।
    • रिलीविंग और एक्सपीरियंस लेटर: नई कंपनी का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन इन्हें मांगता है, इसलिए हैंडओवर पूरा करके लिखित में अनुरोध करें।
    • PF: अपना PF UAN से नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करें।

    ये नियम 21 नवंबर 2025 से लागू नए लेबर कोड के हैं; आपका कॉन्ट्रैक्ट ज्यादा फायदे दे सकता है।

    इस्तीफा देने से पहले

    नया ऑफर लेटर साइन होने और जॉइनिंग की तारीख तय होने के बाद ही इस्तीफा दें। ऑफर की तुलना सैलरी हाइक कैलकुलेटर से करें, जरूरत हो तो सैलरी नेगोशिएशन ईमेल भेजें, और नई नौकरी की तलाश अभी शुरू करनी है तो AI जॉब सर्च कंपनियों के करियर पेज पर मैच होने वाली नौकरियां ढूंढकर आपकी जगह आवेदन करता है।

    यह टूल पत्र का मसौदा देता है, कानूनी सलाह नहीं। नोटिस पीरियड, बायआउट और सेटलमेंट की शर्तें आपके अपॉइंटमेंट लेटर और कंपनी की पॉलिसी से तय होती हैं; विवाद होने पर लेबर वकील से सलाह लें। जानकारी 12 अक्टूबर 2026 को जांची गई।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    इस्तीफा पत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    फॉर्मेट, भाषा, नोटिस पीरियड, बायआउट और सेटलमेंट।

    अभी भी कोई सवाल है?

    हमारे संपर्क पेज से हमें मैसेज भेजें।

    नौकरी छोड़ने के लिए इस्तीफा पत्र कैसे लिखें?

    ऊपर दिनांक और स्थान, फिर “सेवा में” के बाद HR विभाग और कंपनी का नाम, विषय, और “महोदय/महोदया”। पहले पैराग्राफ में पद और कंपनी के साथ इस्तीफा, नोटिस पीरियड और आखिरी कार्य दिवस लिखें। फिर हैंडओवर का भरोसा, फुल एंड फाइनल और रिलीविंग लेटर का अनुरोध, धन्यवाद, और आखिर में नाम, पद और हस्ताक्षर।

    इस्तीफा पत्र हिन्दी में दें या अंग्रेजी में?

    दोनों मान्य हैं। कई भारतीय कंपनियों का HR अंग्रेजी में काम करता है और अंग्रेजी पत्र की उम्मीद करता है, इसलिए शक हो तो HR से पूछ लें। इस टूल में “English” चुनें: फॉर्म हिन्दी में रहेगा और पत्र अंग्रेजी में बनेगा।

    इस्तीफा पत्र में नोटिस पीरियड कैसे लिखें?

    अपॉइंटमेंट लेटर में तय दिन और आखिरी कार्य दिवस की तारीख दोनों लिखें, जैसे “30 दिन के नोटिस पीरियड के अनुसार मेरा आखिरी कार्य दिवस 11 नवंबर 2026 होगा।” तारीख लिखने से गलतफहमी नहीं होती। यह टूल जमा करने की तारीख से आखिरी दिन अपने-आप निकालता है।

    क्या नोटिस पीरियड पूरा किए बिना नौकरी छोड़ सकते हैं?

    आम तौर पर हां, अगर कंपनी नोटिस में छूट दे या बचे दिनों की सैलरी (नोटिस पे) काटकर रिलीव करे; कई बार नई कंपनी यह बायआउट चुकाती है। शर्तें आपके अपॉइंटमेंट लेटर में होती हैं। छूट मिले तो उसे ईमेल पर लिखित में लें, ताकि रिलीविंग लेटर में दिक्कत न हो।

    क्या इस्तीफे की वजह बताना जरूरी है?

    नहीं। वजह लिखना पूरी तरह वैकल्पिक है। लिखना चाहें तो एक छोटा, सकारात्मक वाक्य काफी है, जैसे करियर ग्रोथ, आगे की पढ़ाई या निजी कारण। शिकायतें या विवाद पत्र में न लिखें; उनके लिए HR से अलग बात करें।

    क्या इस्तीफा ईमेल से दे सकते हैं?

    हां, ज्यादातर कंपनियों में ईमेल से दिया इस्तीफा माना जाता है, और कई जगह HRMS पोर्टल पर भी दर्ज करना होता है। ईमेल HR और मैनेजर दोनों को भेजें और जवाब संभालकर रखें: वही आपके नोटिस की तारीख का सबूत है। टूल में “ईमेल” चुनने पर विषय भी बन जाता है।

    इस्तीफे के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट कब मिलता है?

    Code on Wages, 2019 के तहत नौकरी छोड़ने पर बकाया वेतन दो कामकाजी दिनों में देना होता है, और ग्रेच्युटी देय होने के 30 दिन के अंदर। लीव एनकैशमेंट और रीइंबर्समेंट जैसी बाकी रकम कंपनी की F&F प्रक्रिया से आती है; देर हो तो HR से लिखित में पूछें।

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